National قومی خبریں

हीरा ग्रुप के निवेशकों ने अबू आसिम आज़मी से मुलाकात कर अपने अनुभव साझा किए

भू-माफिया और राष्ट्र-विरोधी नेता ब्याज मुक्त व्यापार और अर्थव्यवस्था को लूटना चाहते हैं


नई दिल्ली (प्रेस रिपोर्ट: मुतीउर्रहमान अज़ीज़) हीरा ग्रुप ऑफ़ कंपनीज़ के दो दर्जन से अधिक निवेशकों ने एक सुस्थापित एवं पारदर्शी नेता, स्वच्छ एवं पारदर्शी छवि के मालिक, जनता में प्रथम स्थान पर, समाजवादी पार्टी के जाने-माने नेता, कई वर्षों से जनता का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिष्ठित चरित्र के नेता श्री अबू आसिम आज़म से मुलाकात की और उनसे ब्याज मुक्त व्यापार एवं मुस्लिम अर्थव्यवस्था के लिए आवाज़ उठाने तथा मासूम गरीब निवेशकों के समर्थन में आगे आने की अपील की। महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से आए निवेशकों ने श्री अबू आसिम आज़मी से मुलाकात की और उन्हें यह समझाने का प्रयास किया कि गरीबों के लिए राहत और राहत देने वाली हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज पिछले करीब 25 वर्षों से गरीब, अनाथ और असहाय विधवाओं को सहारा देकर उन्हें खुशहाली के रास्ते पर ला रही है। लाखों लोगों ने अपने बुरे दिन गुजारे और हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज की मदद से अपने बच्चों के लिए शिक्षा, शादी और घर का प्रबंध किया, बुजुर्गों के लिए दवा और बच्चों के लिए दूध-रोटी का प्रबंध किया और खुशहाल जीवन जीया। हालाँकि, गलत काम करने वाले नेताओं, हड़पने वालों, भू-माफियाओं और भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों ने मुस्लिम अर्थव्यवस्था पर अपनी बुरी नज़र डाली और लाखों निवेशकों के लाखों परिवारों को असहाय और परेशान कर दिया। भू-माफियाओं ने अपनी गंदी नजरों से हीरा ग्रुप के निवेशकों के पैसे से बनी संपत्तियों पर कब्जा कर लिया, जबकि सूदखोरों ने लोगों के अपने पैरों पर खड़े होने को अपने लिए बुरी स्थिति मान लिया। जहां राष्ट्रविरोधी नेता मुस्लिम अर्थव्यवस्था के मंच पर एकजुट होकर समृद्ध होना अपने लिए बर्बादी समझते हैं, वहीं भ्रष्ट प्रशासन अपनी स्थिति के अनुरूप हीरा ग्रुप की विभिन्न संपत्तियों पर अपनी नजरें गड़ाए बैठा है।

हीरा ग्रुप के निवेशकों के प्रतिनिधिमंडल के रूप में गए लोगों ने प्रसिद्ध नेता श्री अबू आसिम आज़मी को बताया कि हैदराबाद के सांसद श्री असद ओवैसी ने सबसे पहले 2012 में कंपनी को ध्वस्त करने की कोशिश की थी। लेकिन चार साल की अथक मेहनत और कुप्रथाओं के बावजूद कंपनी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सका। अंततः सांसद असद ओवैसी 2016 में लाभहीन व्यवसाय हीरा ग्रुप और उसकी सीईओ डॉ. नौहेरा शेख से हार गए और सांसद होने के बावजूद बैरिस्टर असद ओवैसी को 100 करोड़ रुपये के मानहानि के मुकदमे में दोषी पाया गया। अब इस मानहानि मामले को खत्म करने के लिए सभी हथकंडे अपनाते हुए असद ओवैसी अदालत से मामले को खत्म करने की अपील कर रहे हैं। इसी तरह भू-माफिया सैयद अख्तर एसए बिल्डर ने टोली चौकी एसए कॉलोनी में हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज की हजारों करोड़ रुपये की संपत्तियों पर न सिर्फ अपने गुंडों को बसा दिया, बल्कि अपने आपराधिक परिवार और रिश्तेदारों के नाम पर फर्जी डिग्रियां भी बना लीं, तब जाकर कंपनी के सीईओ को कोर्ट की कार्यवाही में दीवार के दूसरी तरफ भेजा गया। जाहिर है कि हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति लूटने का मकसद रखने वाले हड़पने वाले लोग ही सबकुछ करते हैं, इसलिए जब हीरा ग्रुप की सीईओ डॉ. नौहेरा शेख को सलाखों के पीछे भेज दिया गया, तो सैयद अख्तर एसए बिल्डर ने हैदराबाद के भ्रष्ट नेताओं और प्रशासन की मदद से खाली पड़ी जमीनों और संपत्तियों पर न केवल बहुमंजिला इमारत खड़ी कर दी, बल्कि फ्लैट भी भुलक्कड़ जनता को बेच दिए। हीरा ग्रुप के निवेशकों ने श्री अबू आसिम आज़मी को बताया कि सैयद अख्तर एसए बिल्डर ने खाली पड़ी जमीनों को अपने रिश्तेदारों में बांट दिया है, तथा अपने दामाद अब्दुल रहीम को फुटबॉल मैदान के रूप में जमीन हड़पने की रणनीति के बारे में भी बताया है। सैयद अख्तर एसए बिल्डर ने अपने रिश्तेदारों को व्यावसायिक भूमि पर होटल बनाने और चलाने की अनुमति दी। इसका उद्देश्य भूमि को टुकड़ों में बांटना था। अंततः, हाल ही में हैदराबाद न्यायालय ने एसए कॉलोनी में कुछ जमीनें भू-माफियाओं से मुक्त कराकर हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज और इसकी सीईओ डॉ. नौहेरा शेख को सौंप दी। शेष भूमि संपत्तियों पर अभी भी भू-माफिया सैयद अख्तर एसए बिल्डर अपने गुंडों की मदद से कब्जा कर रहा है। इसके अलावा, ख्वाजा मोईनुद्दीन  नामक एक भ्रष्ट अपराधी, जो एक पूर्व पुलिस अधिकारी था (जिसे भ्रष्टाचार के बाद विभाग से निकाल दिया गया था), ने हैदराबाद के स्थानीय नेताओं के साथ मिलकर बंजारा हिल पर स्थित हीरा ग्रुप के एक बहुमूल्य बंगले पर कब्जा कर लिया। ख्वाजा मोईनुद्दीन पिछली केसीआर सरकार में राज्य वक्फ मामलों के अधिकारी थे। ख्वाजा मोईनुद्दीन ने विद्वान डॉ. नौहेरा शेख की गिरफ्तारी का फायदा उठाकर एक बंगले का फर्जी मालिकाना हक तैयार किया और उसमें रहने लगे।

हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के निवेशकों ने संक्षेप में स्वच्छ और पारदर्शी छवि वाले जनता के नेता श्री अबू आसिम आज़मी को बताया कि इन सभी मामलों के पीछे भू-माफिया, देश के दुश्मन देशद्रोही नेता और विभाग के सरकारी अधिकारी की मिलीभगत है, जिनकी आपसी मिलीभगत से हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज की मुस्लिम अर्थव्यवस्था बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है। सभी बुरे इरादों वाले अपराधियों का एक ही लक्ष्य है कि हेरा ग्रुप ऑफ कंपनीज को बर्बाद कर दिया जाए तथा हीरा ग्रुप के भू-माफियाओं की जमीनों पर कब्जा कर लिया जाए, भ्रष्ट अधिकारी बंगलों और फ्लैटों पर कब्जा कर लें तथा सूदखोर नेता स्वयं जनता की मजबूरी, लाचारी और गरीबी का फायदा उठाकर अपने सूदखोरी के धंधे की ओर रुख करना चाहते हैं तथा बैंकों से दिवालिया लोगों को ब्याज पर ब्याज देना चाहते हैं, ताकि इन सूदखोरों की आय बढ़े और हेरा ग्रुप की जनता में लोकप्रियता पूरी तरह से खत्म हो जाए। हीरा ग्रुप के अस्तित्व में आने से लोगों को कुछ लाख रुपए में वर्षों तक अपना भरण-पोषण व सहायता मिल जाती थी, बच्चों की शिक्षा हो जाती थी, घर का खर्च बेहतर ढंग से चल पाता था, जिस पर अपराधियों की काली करतूतों ने रोक लगा दी है।

Related posts

ईद-उल-फितर के दिन 31 मार्च को हरियाणा में रहेगा प्रतिबंधित अवकाश

Paigam Madre Watan

BEL achieves record turnover of Rs.26,750 Crores

Paigam Madre Watan

BEL and Bellatrix Aerospace join forces to build indigenous space capabilities in VLEO regime

Paigam Madre Watan

Leave a Comment