चंडीगढ़, 27 फरवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में ही युवाओं के कौशल और रोजगार के लिए अनेक कारगर कदम उठाए हैं। फिर भी कोई युवा विदेश जाना चाहता है तो उसकी मदद के लिए ‘विदेश सहयोग विभाग’ बनाया गया है। यह विभाग युवाओं को विदेश में रोजगार व शिक्षा प्राप्त करने में मदद करता है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्षियों द्वारा रखी गई बातों पर जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि ‘विदेश सहयोग विभाग’ की वेबसाइट पर विदेश में रोजगार, शिक्षा, व्यापार और निवेश से संबंधित जानकारी उपलब्ध है। इसके अलावा, विदेश भेजने वाले अधिकृत एजेंटों की सूची भी उपलब्ध है। इस वेबसाइट के माध्यम से युवा विदेश जाने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और सरकारी सहायता के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने सदन में प्रदेश के युवाओं से भी अपील करते हुए कहा कि वे गलत तरीके से विदेश भेजने वाले एजेंटों के झांसे में न आएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डंकी रूट से युवाओं को विदेश में भेजने वाले एजेंटों के खिलाफ सरकार कड़ी कार्रवाई कर रही है। विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए और ट्रैवल एजेंट्स को रेगुलेट करने के लिए कानून भी बनाया जा चुका है। सरकार एचकेआरएनएस के माध्यम से लीगल रूट से विदेशों में युवाओं को भेज रही है। उन्होंने कहा कि एचकेआरएनएल को मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स द्वारा रिक्रूटिंग एजेंट के लाइसेंस की सैद्धांतिक मंजूरी दी जा चुकी है। इस विषय में समय-समय पर एचकेआरएनएल द्वारा विज्ञापन प्रकाशित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के विदेश सहयोग विभाग और हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड ने गत 3 जनवरी को पंचजन्य-2026 कार्यक्रम आयोजित किया था। इसके तहत प्रदेश के 210 युवाओं को दुबई जाने के लिए ऑफर लेटर दिए गए हैं। अब तक 2 चरणों में 390 युवाओं को इजराइल भेजा जा चुका है और उन्हें 3 लाख 38 हजार से अधिक मासिक वेतन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में, विदेश से 10 हजार लोगों की मांग आई है। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से 7 हजार 600 पात्र लाभार्थियों को इजराइल तथा 100 लाभार्थियों को ओमान भेजने के लिए विज्ञापन जारी किए हुए हैं। इसकी चयन प्रक्रिया जारी है।
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