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सर्वाइकल कैंसर की घटनाओं व मृत्यु दर को कम करने के लिए सरकार कर रही है निरंतर प्रयास : आरती सिंह राव

चंडीगढ़, 23 फरवरी – हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और सर्वाइकल कैंसर की घटनाओं व मृत्यु दर को कम करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार जागरूकता, समय पर जांच और बेहतर उपचार सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई ठोस कदम उठा रही है।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हर वर्ष विश्व कैंसर दिवस और राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस के अवसर पर महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर के जोखिम कारकों, लक्षणों, शुरुआती पहचान और बचाव के बारे में जागरूक किया जाता है तथा विशेष अभियान चलाए जाते हैं। इसके अलावा, मेडिकल अधिकारियों, स्टाफ नर्सों, सीएचओ और फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे स्क्रीनिंग की गुणवत्ता, समय पर पहचान, परामर्श और फॉलो-अप देखभाल में सुधार हो सके।आरती सिंह राव ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से (सर्विक्स) में शुरू होने वाला कैंसर है, जिसका मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) का लंबे समय तक संक्रमण होता है। विशेष रूप से HPV-16 और HPV-18 प्रकार अधिक खतरनाक माने जाते हैं। धूम्रपान, कम उम्र में यौन संबंध, एक से अधिक यौन साथी, असुरक्षित यौन व्यवहार, कम उम्र में विवाह और गर्भधारण, बार-बार प्रसव और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली जैसे कारक इसके जोखिम को बढ़ाते हैं। सर्वाइकल कैंसर के सामान्य लक्षणों में पीरियड्स के बीच रक्तस्राव, अत्यधिक या लंबे समय तक मासिक धर्म, रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्राव, यौन संबंध के बाद रक्तस्राव, दुर्गंधयुक्त योनि स्राव, निचले पेट में दर्द, अचानक वजन घटना और पेशाब के दौरान दर्द शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस बीमारी का समय रहते पता चल जाए तो इसका इलाज काफी हद तक संभव है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा द्वारा इस दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। राज्य के सभी 22 जिलों में गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत 30 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं की स्क्रीनिंग की जा रही है। इस अभियान में उच्च रक्तचाप, मधुमेह और सामान्य कैंसरकृमुख, स्तन और सर्वाइकल कैंसर की जांच शामिल है। महिलाओं की जांच के लिए विजुअल इंस्पेक्शन विद एसेटिक एसिड (VIA) नामक सरल टेस्ट का उपयोग किया जा रहा है, जिसकी सुविधा आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप-जिला अस्पताल और जिला नागरिक अस्पतालों में उपलब्ध है। संदिग्ध मामलों को आगे की जांच के लिए उच्च केंद्रों पर भेजा जाता है। राज्य में अंबाला, गुरुग्राम, हिसार, झज्जर, सिरसा और सोनीपत के जिला नागरिक अस्पतालों में कोलपोस्कोपी की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा, PAP स्मीयर, FNAC, बायोप्सी, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी सुविधाएं भी विभिन्न जिला अस्पतालों में उपलब्ध हैं। गंभीर मामलों के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेजों और क्षेत्रीय कैंसर केंद्रों में उच्च स्तरीय उपचार की व्यवस्था की गई है। नेशनल एनसीडी पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार अब तक 22,74,802 महिलाओं की सरवाइल कैंसर की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, इनमें 1,153 महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की पुष्टि हुई है और जिनका उपचार चल रहा है।

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