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लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय शराबबंदी महासम्मेलन में पहुंचे उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और मंत्री दानिश आजाद अंसारी

नशा मुक्त जीवन के लिए परिवार और दोस्तों का सहयोग सबसे अधिक महत्वपूर्ण है: मुर्तुजा अली

मद्य निषेध के बारे में आम जनता को जागरूक करना जरूरी है:ब्रजेश पाठक

नशे से लड़ने के लिए हमें सबसे पहले अपने घर से शुरुआत करनी होगी: दानिश आजाद अंसारी

पूर्व केंदीय मंत्री कौशल किशोर ने लोगो को हर नशे से दूर रहने और नशे के विरूद्ध लड़ाई लड़ने की दिलाई शपथ

नशे के प्रति शराब बंदी संघर्ष समिति युवाओं को जागरूक करने का अथक प्रयास कर रही है:रोहित अग्रवाल

लखनऊ।अंतर्राष्ट्रीय मध निषेध दिवस के उपलक्ष्य में शराबबंदी संघर्ष समिति के तत्वाधान में राष्ट्रीय शराबबंदी महासम्मेलन का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने किया। कार्यक्रम का सफल संचालन खालिद इस्लाम एवं आमिर मुख्तार द्वारा किया गया।कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी, पूर्व केंद्र मंत्री भारत सरकार कौशल किशोर,पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार हरपाल सिंह जग्गी,नगर पंचायत देवां बाराबंकी के अध्यक्ष मो हारुन वारसी,मुस्लिम स्कॉलर मौलाना सिबते नूरी, बौद्ध भिक्षु भिकू ज्ञान,वीर रस के राष्ट्रीय कवि वेदव्रत वाजपेई मोहम्मद अली साहिल सुशील दुबे,मो इबाद, के साथ-साथ सभी अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ और अंग वस्त्र भेंट कर शराबबंदी संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुर्तज़ा अली और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रोहित अग्रवाल ने किया।उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों और देश के 12 राज्यों से नशाबंदी संघर्ष समिति के साथ जुड़कर अपने-अपने राज्य और जिलों में नशाबंदी के लिए कार्य करने वाले कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी बड़ी संख्या में एकजुट हुए।महासम्मेलन के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री माननीय बृजेश पाठक ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि सदियों से लोग जानते हैं कि नशा बुरी लत हैं लेकिन फिर भी यह बढ़ता जा रहा है इसलिए कि हमने अपने बुजुर्गों की बात को आगे नहीं बढ़ाया। शराबबंदी मध निषेध के मुद्दे को मंच से निकालकर हमें आम जनता तक इस मुद्दे को पहुंचना होगा।आयोजन में पत्रिका”शराब सभी बुराइयों की जड़”का विमोचन भी उप मुख्यमंत्री ने किया।
उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने कहा की नशे से लड़ने के लिए हमें सबसे पहले अपने घर से शुरुआत करनी होगी।आज मैं इस राष्ट्रीय शराबबंदी महासम्मेलन में एक मंत्री या नेता के रूप में नहीं बल्कि एक आम इंसान होने के नाते अपना दायित्व निभाने आया हूं।
महासम्मेलन में उपस्थित पूर्व केन्द्रीय मंत्री कौशल किशोर ने लोगो को हर नशे से दूर रहने और नशे के विरूद्ध लड़ाई लड़ने की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर एआइएमआइएम के प्रदेश प्रवक्ता असिम वकार ने अपने अंदाज में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश के कई राज्यों में शराब बंद कर दी गई है मगर उत्तर प्रदेश में अभी तक शराब पर रोक नहीं है।राष्ट्रीय शराबबंदी महासम्मेलन में अतिथियों और 12 राज्यों और उत्तर प्रदेश के 75 जिलों से आए हुए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुर्तज़ा अली ने कहा कि पूरी दुनिया नशीली दवाओं की लत के खतरे का सामना कर रही है जिसका असर व्यक्ति परिवार और समाज के एक बड़े हिस्से पर विनाशकारी प्रभाव के रूप में पड़ता है।नशा मुक्त जीवन जीने के लिए परिवार और दोस्तों का सहयोग सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।यदि समाज भी इस समस्या के ख़िलाफ एकजुट हो जाए तो नशे पर काबू पाया जा सकता है।नशा मुक्त समाज केवल स्वस्थ ही नहीं बल्कि सशक्त भी होता है।हमें इस दिशा में जागरूकता फैलाने और एकजुट होकर काम करने की ज़रूरत है ताकि नशे को जड़ से ख़त्म किया जा सके।वही समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रोहित अग्रवाल ने सभी के समक्ष अपनी बात रखते हुए कहा कि युवाओं और ख़ास करके विद्यार्थियों में नशे की लत बढ़ती जा रही है।शराब बंदी संघर्ष समिति इस दिशा में अपना काम कर रही है स्कूल कॉलेज और संस्थानों में जाकर युवाओं को जागरूक करने का पूरा प्रयास कर रही है।शराब के प्रयोग को सामान्य व्यवहार के रूप में देखने की बजाये इसे हानिकारक आदत के रूप में देखना चाहिए तथा शराब को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगना चाहिए इसलिए शराब बंदी संघर्ष ही एक ऐसा माध्यम है। जो व्यक्ति को नशे से मुक्त कर सकता है।राष्ट्रीय नशाबंदी महासम्मेलन में होम्योपैथी के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ आदर्श त्रिपाठी एवं वरिष्ठ दंत चिकित्सक डॉ राधेश्याम यादव के सहयोग से हैनीमैन चैरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा एक भव्य नि:शुल्क चिकित्सा शिविर लगाया गया जिसमें नशे की आदत छुड़ाने के लिए निशुल्क दवा वितरित की गई।राष्ट्रीय शराब बंदी महासम्मेलन में राजस्थान की श्रीमती पूजा भारती छाबड़ा जो शराबबंदी व नशाबंदी आंदोलन की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और नशाबंदी को लेकर राजस्थान में युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं,उत्तराखंड से जे सी उत्प्रेती,मध्य प्रदेश से हरिओम गौतम,केरल से शाहनवाज,उड़ीसा से सुबेन्दर,दिल्ली से बिलाल अहमद,बिहार से वरुण सिंह,पंजाब से कयामुद्दीन सिद्दीकी, झारखंड से श्रीमती मायादेवी,कश्मीर से मुशताक वाला,बिहार से साकेत भारत शामिल हुए सभी राज्यों और जिलों से आए हुए नशाबंदी समिति से जुड़े हुए सभी योद्धाओं को शराबबंदी संघर्ष समिति की ओर से स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम को सफल बनाने में और उसे आसमान की ऊंचाइयों तक पहुंचने में इमरान भाई,शाहिद अली,कुदरत खान,मोहम्मद फहीम,हलीमा अजीम, फैजुद्दीन सिद्दीकी,देवेंद्र पाल वर्मा, जावेद सिद्दीकी,अब्दुल वहीद,जुबैर अहमद,वसी सिद्दीकी,खालिद इस्लाम,आमिर खान खुर्शीद सिद्दीकी,मोहम्मद कैफ,अब्दुल मोईद ,ताबिश अली ,राजू भाई,रेहान,अमन मिश्रा अफजल,फहद हसन,मो सईक सिद्दीकी,मो इदरीस,आर बी लाल, मो अफाक,मिर्जा इशरत बेग,जुबेर सिद्दीकी,मो आमिर, डॉ अम्मार नगरामी,मो अली साहिल,चौधरी शादाब कुरेशी, आमिर ख़ालिद ख़ान, बदरुल,प्रशांत कुमार,मनीष वर्मा,डॉ आदर्श त्रिपाठी,डॉ राधेश्याम यादव, तौसीफ हुसैन,नजम हसन,इमरान खान,मो इबाद,आमिर मुख्तार सभी के अथक प्रयासों से कार्यक्रम सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।आयोजन में देश भर से आए शराबबंदी समर्थकों को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के अंत में शराबबंदी संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुर्तुज़ा अली ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।

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